सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली ने कहा है कि सिंगापुर के कानूनों का निर्माण केवल कानूनी विशेषज्ञों द्वारा नहीं, बल्कि व्यावहारिक राजनेताओं द्वारा किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये कानून विद्वानों या दार्शनिकों के सिद्धांतों पर आधारित नहीं थे, बल्कि वास्तविक शासन की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए थे। ली के अनुसार, कानून बनाते समय केवल कानूनी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि राजनीतिक समझ और परिस्थितियों का आकलन करना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनका यह बयान कानून निर्माण प्रक्रिया में राजनीतिक दृष्टिकोण के महत्व पर जोर देता है। प्रधानमंत्री ली ने बताया कि सिंगापुर के विकास और सफलता के लिए ऐसे व्यावहारिक दृष्टिकोण की आवश्यकता थी। यह टिप्पणी सिंगापुर के कानूनी ढांचे की विशिष्ट प्रकृति और उसके विकास में राजनीतिक निर्णयों की भूमिका को रेखांकित करती है।