सिंगापुर में एक अदालत ने एक महिला की याचिका खारिज कर दी है, जिसमें वह अपने दादा द्वारा स्थापित इस्लामिक धर्मार्थ ट्रस्टों से आय का दावा कर रही थी। यह ट्रस्ट मस्जिद के लिए दान के रूप में स्थापित किए गए थे। न्यायाधीश ने फैसला सुनाया कि सिंगापुर में हनाफी मुस्लिम एक वक्फ (धार्मिक दान) को रद्द या परिवर्तित नहीं कर सकते। महिला का तर्क था कि ट्रस्ट अब अपने मूल उद्देश्य को पूरा नहीं करते हैं और आय का उपयोग अन्य धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए। अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया, यह मानते हुए कि वक्फ अपरिवर्तनीय होते हैं। यह निर्णय सिंगापुर में धार्मिक दान और संपत्ति के प्रबंधन से संबंधित कानूनी मिसाल कायम करता है। इस मामले से वक्फ की पवित्रता और धार्मिक उद्देश्यों के लिए उनकी निरंतर प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया है।
