सिंध प्रांत सरकार ने 3.56 खरब रुपये का बजट पेश किया है, जिसमें 36.9 अरब रुपये का घाटा अनुमानित है। यह बजट मुख्य रूप से विकास कार्यों, विशेष रूप से बुनियादी ढांचे और सामाजिक क्षेत्र में निवेश पर केंद्रित है। राजस्व में कमी और खर्चों में वृद्धि के कारण इस घाटे की स्थिति उत्पन्न हुई है। सरकार का लक्ष्य कर राजस्व में सुधार और व्यय को नियंत्रित करके वित्तीय स्थिति को मजबूत करना है। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। कर्मचारियों के लिए वेतन और पेंशन पर भी महत्वपूर्ण राशि आवंटित की गई है। विपक्ष ने बजट को अवास्तविक और लोकलुभावन बताते हुए आलोचना की है, जबकि सरकार इसे प्रांत के विकास के लिए आवश्यक कदम बता रही है।
