विशेषज्ञों के अनुसार, नींद में सांस रुकने की समस्या (स्लीप एपनिया) हमेशा खर्राटों के साथ नहीं होती है। सुबह थकान महसूस होना, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होना, या रात में बार-बार जागना इस स्थिति के संकेत हो सकते हैं। यह समस्या जीवन की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है और शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। स्लीप एपनिया का निदान और उपचार महत्वपूर्ण है, भले ही रोगी को खर्राटे न आते हों। यह स्थिति हृदय रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को बढ़ा सकती है। यदि किसी को ये लक्षण महसूस होते हैं, तो उन्हें डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। शुरुआती पहचान और उचित उपचार से जीवनशैली में सुधार किया जा सकता है।