पोलिश राजनेता रादोस्लाव सिकोर्स्की ने ‘द इकोनॉमिस्ट’ में प्रकाशित एक लेख में रूस के साथ बातचीत को लेकर अपनी राय व्यक्त की है। उनका कहना है कि रूस उन्हें दुश्मन मानता है और उनके लोकतांत्रिक सभ्यता को नष्ट करना चाहता है। इसलिए, रूस को आसानी से माफ करने की कोई जल्दी नहीं करनी चाहिए। सिकोर्स्की के अनुसार, जब व्लादिमीर पुतिन शांति के लिए तैयार होंगे, तो वे खुद ही संवाद स्थापित करने का तरीका खोज लेंगे। उन्होंने रूस को खुश करने की नीति (appeasement) अपनाने के खिलाफ चेतावनी दी है। यह बयान यूक्रेन में चल रहे युद्ध के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दर्शाता है कि बातचीत की संभावना तभी है जब रूस अपनी आक्रामक नीतियों को बदले।