फुटबॉल विश्व कप के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण आया है जब न्यूजीलैंड के खिलाड़ी सरप्रीत सिंह ने पदार्पण किया। वे सिख धर्म के पहले खिलाड़ी हैं जिन्होंने विश्व कप के फाइनल टूर्नामेंट में भाग लिया। सिख धर्म की उत्पत्ति 16वीं शताब्दी में भारत में हुई थी और आज दुनिया भर में इसके लगभग 25 मिलियन अनुयायी हैं। सरप्रीत सिंह का यह पदार्पण सिख समुदाय के लिए गर्व का विषय है। लगभग एक हजार विश्व कप मैच खेले जाने के बाद, पहली बार किसी सिख खिलाड़ी को विश्व कप के मैदान पर खेलने का अवसर मिला। यह खेल जगत में विविधता और समावेश का प्रतीक है। सरप्रीत सिंह एक मिडफील्डर हैं और उन्होंने न्यूजीलैंड की टीम का प्रतिनिधित्व किया।
