म्यूनिख स्थित सिग्ना परियोजना के वित्तपोषण में आंतरिक रूप से 300 मिलियन यूरो से अधिक का हस्तांतरण किया गया है। बेंको और अन्य पर RBI के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। यह मामला सिग्ना समूह के वित्तीय लेन-देन में अनियमितताओं को उजागर करता है। आरोपों में कहा गया है कि धन को जानबूझकर स्थानांतरित किया गया था, जिससे RBI को गुमराह किया गया। जांचकर्ता इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं कि यह धन हस्तांतरण कैसे हुआ और इसका उद्देश्य क्या था। इस खुलासे से सिग्ना समूह की वित्तीय स्थिति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो बेंको और अन्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।