दक्षिण अफ्रीका में, एंड्रोसोल माइनिंग नामक क्रोम खनन कंपनी ने सिबाने-स्टिलवाटर पर आरोप लगाया है कि कंपनी ने जानबूझकर उनके सक्रिय क्रोम खदान में पानी भर दिया, जिससे लगभग 67 मिलियन रैंड का नुकसान हुआ। सिबाने-स्टिलवाटर का कहना है कि यह कदम उनकी एक बांध के ढहने से रोकने के लिए उठाया गया था। एंड्रोसोल का दावा है कि इस जलभराव से न केवल उनके खनिजों और उपकरणों को नुकसान पहुंचा, बल्कि 260 कर्मचारियों की रोज़गार श्रृंखला भी बाधित हुई है। कंपनी का कहना है कि इस मामले में नियामक, पुलिस और सरकारी विभागों द्वारा कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। इस घटना से खनन क्षेत्र में जल प्रबंधन और विवाद समाधान पर सवाल उठ रहे हैं। एंड्रोसोल माइनिंग ने इस नुकसान की भरपाई के लिए कानूनी कार्रवाई करने की संभावना जताई है। सिबाने-स्टिलवाटर ने अभी तक एंड्रोसोल के नुकसान के दावे पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है।