अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी डिएगो मारडोना की मौत के मामले में सात स्वास्थ्यकर्मियों पर चल रही सुनवाई में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अभियोजन पक्ष ने दावा किया है कि मारडोना की मौत एक स्वाभाविक घटना नहीं थी, बल्कि उन्हें "खत्म" कर दिया गया था। आरोप है कि मारडोना एक "समय बम" की तरह थे और उनकी सेहत को लेकर लापरवाही बरती गई। सुनवाई में स्वास्थ्यकर्मियों पर उचित चिकित्सा देखभाल प्रदान न करने और उनकी हालत को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगा है। यह मामला अर्जेंटीना में काफी सनसनीखेज है और मारडोना के प्रशंसकों के बीच आक्रोश पैदा कर रहा है। जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही के कारण मारडोना की मौत हुई है और वे इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह घटना अर्जेंटीना के फुटबॉल इतिहास में एक दुखद अध्याय है।