अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीद और ईंधन की कीमतों में गिरावट के कारण ताइवान की जहाज़ कंपनियों के शेयरों में भारी वृद्धि हुई है। एवरग्रीन मरीन कॉर्पोरेशन के शेयर 7% से अधिक बढ़ गए, जबकि टाइगर एयरवेज के शेयर ट्रेडिंग के दौरान अपनी ऊपरी सीमा तक पहुँच गए। यह उछाल वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव में कमी से तेल की कीमतों में गिरावट आई है, जिससे जहाज़ कंपनियों की परिचालन लागत कम हुई है। इसके अतिरिक्त, वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीदों ने भी जहाज़ उद्योग में निवेश को प्रोत्साहित किया है। यह विकास जहाज़ कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण लाभ है, क्योंकि वे पिछले कुछ वर्षों में चुनौतियों का सामना कर रही थीं।