सूत्रों के अनुसार, शिंदे गुट के विद्रोही सांसद उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों से मिलने के बजाय पहले महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर से संपर्क करेंगे। यह निर्णय यूबीटी सांसदों के साथ किसी भी संभावित बैठक से पहले लिया गया है। शिंदे गुट के विधायकों और सांसदों का मानना है कि स्पीकर से मिलकर अपनी स्थिति स्पष्ट करना अधिक महत्वपूर्ण है। इस कदम से यह संकेत मिलता है कि शिंदे गुट तत्काल यूबीटी के साथ किसी समझौते पर पहुंचने के लिए उत्सुक नहीं है। स्पीकर से मुलाकात के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति को और जटिल बना सकती है। फिलहाल, यूबीटी और शिंदे गुट के बीच कोई औपचारिक वार्ता नहीं हो रही है।