ऑटोमोबाइल जगत में क्लासिक कारों के प्रति लोगों की पसंद बदल रही है। 1950 और 1960 के दशक की पुरानी कारों का क्रेज अब धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। नए खरीदार इन पुरानी गाड़ियों को बहुत अधिक पुराना और तकनीकी रूप से जटिल मान रहे हैं। इसके अलावा, बाजार में कई रिस्टोर की गई कारों की उपलब्धता ने इनकी कीमतों में गिरावट ला दी है। अब लोग 1990 से 2000 के बीच बनी कारों को नई 'क्लासिक' के रूप में देख रहे हैं। यह बदलाव पुरानी विंटेज कारों के प्रति घटते आकर्षण और आधुनिक क्लासिक्स की बढ़ती मांग को दर्शाता है। कुल मिलाकर, संग्रहकर्ताओं की प्राथमिकता अब पुराने दौर से हटकर आधुनिक युग की ओर बढ़ रही है।