हाल के वर्षों में, पशुपालकों ने अपनी भेड़ों को रखने की प्रवृत्ति दिखाई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इसका सकारात्मक प्रभाव 2027 तक देखा जा सकता है। यह रणनीति प्रजनन क्षमता को बढ़ाने और भविष्य में अधिक उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जा रही है। वर्तमान में, बाजार में भेड़ और ऊन की मांग स्थिर बनी हुई है, जिससे पशुपालकों को प्रोत्साहन मिल रहा है। यह रुख दीर्घकालिक निवेश और टिकाऊ पशुधन प्रबंधन की ओर इशारा करता है। कुल मिलाकर, यह उद्योग के लिए एक आशाजनक संकेत है, जो आने वाले वर्षों में विकास की संभावना प्रदान करता है।

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