शस पार्टी ने उच्च न्यायालय के गिरफ्तारी कानून को रद्द करने के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने न्यायालय को “देश में सबसे बड़े अराजकता फैलाने वाले” के रूप में वर्णित किया है। शस का कहना है कि न्यायालय जानता है कि हिंसक गिरफ्तारियां सेना में एक भी सैनिक नहीं बढ़ाएंगी, लेकिन वे जानबूझकर राष्ट्र में विभाजन को गहरा कर रहे हैं। यह फैसला इजरायली राजनीति में एक नए विवाद को जन्म दे सकता है। शस पार्टी इस फैसले से बेहद नाराज है और इसे सरकार के खिलाफ एक राजनीतिक कदम मान रही है। न्यायालय के इस कदम से देश में तनाव और बढ़ सकता है, जिससे सामाजिक ध्रुवीकरण और बढ़ सकता है। इस मामले पर आगे भी राजनीतिक प्रतिक्रियाओं की उम्मीद है।