बाल्टिक सागर में तेल रिसाव का खतरा बढ़ गया है। रूसी तेल जहाजों के बेड़े से तेल प्रतिदिन स्वीडन के पास से गुजर रहा है। जर्मन वैज्ञानिकों द्वारा SVT के लिए किए गए एक नए अध्ययन के अनुसार, किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तेल नौ दिनों के भीतर स्वीडन के तट तक पहुँच सकता है। तट रक्षक बल के डैनियल स्टेनलिंग ने इसे एक भयावह परिदृश्य बताया है। यह तेल जहाजों का बेड़ा, जिसे 'छाया बेड़ा' भी कहा जाता है, भारी मात्रा में तेल का परिवहन कर रहा है। इस रिसाव से पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो सकता है और समुद्री जीवन खतरे में पड़ सकता है। अधिकारियों ने स्थिति की निगरानी शुरू कर दी है और संभावित जोखिमों को कम करने के लिए तैयारी कर रहे हैं।
