ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने एक बेहद यथार्थवादी सेक्स डॉल को शव समझ लिया, जिससे एक अजीबोगरीब घटना घटी। डॉल में बाल, नाक की बाली और चोटों जैसे निशान थे, जिसने पुलिस को भ्रमित कर दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिस ने उचित प्रोटोकॉल का पालन किया। यह घटना दिखाती है कि यथार्थवादी कृत्रिम वस्तुओं की बढ़ती लोकप्रियता से कानून प्रवर्तन को कैसे चुनौतियां मिल सकती हैं। जांचकर्ताओं को सूचित किया गया था कि उन्हें एक नदी में एक शव मिला है। घटनास्थल पर पहुंचने पर, उन्हें एहसास हुआ कि यह एक डॉल थी। इस घटना ने जागरूकता बढ़ाने और भविष्य में ऐसी गलतियों से बचने के लिए प्रक्रियाओं की समीक्षा करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला है।