सर्बिया में साप्ताहिक “रडार” के संपादक मिलान कुलिब्रक ने कहा है कि सितंबर में सरकारी खजाने में भारी कमी मुख्य रूप से नागरिकों को नकद सहायता के भुगतान के कारण हुई है। उनका दावा है कि यह कमी, अगस्त की तुलना में 180 गुना अधिक है। कुलिब्रक का मानना है कि यह धन चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए रिश्वत के रूप में दिया गया था, जिससे मतदान मशीनों को "चिकनाई" देने का प्रयास किया गया। उन्होंने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए सरकार पर पारदर्शिता लाने का दबाव डाला है। यह आरोप सर्बियाई राजनीति में भ्रष्टाचार के संभावित मामलों को उजागर करता है। इस घटना से नागरिकों के बीच वित्तीय प्रबंधन और चुनाव निष्पक्षता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। जांच की मांग की जा रही है ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके और दोषियों को दंडित किया जा सके।