सर्बिया सरकार और एमओएल (MOL) ने सर्बियाई तेल उद्योग, एनआईएस (NIS) में बहुमत हिस्सेदारी हासिल करने पर समझौता किया है। हालांकि, इस समझौते की प्रभावशीलता एमओएल और गैज़प्रोमनेफ़्ट के बीच आगामी समझौते पर निर्भर करती है। विश्लेषकों का मानना है कि एनआईएस के भविष्य को लेकर रूस और हंगरी की भूमिका महत्वपूर्ण है, और इस प्रक्रिया में राजनीतिक प्रभाव भी देखा जा रहा है। सर्बिया सरकार का एमओएल के साथ समझौता केवल एक दिखावा प्रतीत होता है, क्योंकि वास्तविक निर्णय रूस और हंगरी द्वारा लिए जा रहे हैं। गैज़प्रोमनेफ़्ट के साथ एमओएल की बातचीत एनआईएस के भविष्य को निर्धारित करेगी। इस स्थिति से सर्बिया की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक हितों पर असर पड़ सकता है। यह समझौता क्षेत्रीय ऊर्जा राजनीति में भी महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।