सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वूचिच ने हाल ही में हर्सेग नोवी में गोल्डन मिमोसा पुरस्कार जीतने के बाद इस सम्मान को दिवंगत अभिनेता ड्रगन मिचानोविच को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार मिचानोविच को श्रद्धांजलि है, जो एक असाधारण कलाकार थे। वूचिच ने इस अवसर पर कलात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर जोर दिया और उन प्रयासों की आलोचना की जो किसी कलाकार को बोलने से रोकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी को भी किसी व्यक्ति को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि वह क्या कहेगा, खासकर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में। यह घटना सर्बिया में कलात्मक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुद्दों पर बहस को जन्म दे सकती है। वूचिच का यह समर्पण मिचानोविच के योगदान को मान्यता देने और रचनात्मक अभिव्यक्ति के अधिकार की रक्षा करने का एक शक्तिशाली संदेश है।