अलेक्सांद्र वुčić द्वारा आग लगने के स्थानों पर तुरंत न जाने की बात, उनकी परेशानी को दर्शाती है। आग की स्थिति बिगड़ने के बाद ही उन्होंने प्रतिक्रिया दी, जब मामला नियंत्रण से बाहर हो गया था। प्रेस रिपोर्टों से पता चलता है कि वुčić आग लगने की घटनाओं को लेकर असहज थे और उनकी शुरुआती प्रतिक्रिया में देरी हुई। यह देरी जनता और मीडिया द्वारा आलोचना का कारण बनी। आलोचकों का कहना है कि उनकी अनिच्छा आग की गंभीरता को कम आंकने या राजनीतिक कारणों से प्रेरित थी। इस घटना ने सरकार की आपदा प्रबंधन क्षमताओं पर सवाल खड़े किए हैं। स्थिति को नियंत्रित करने में विफलता के कारण वुčić पर दबाव बढ़ रहा है।