सर्बिया की प्रधानमंत्री अना बर्नाबिक ने आज फिर छात्रों पर आरोप लगाया है। उनका दावा है कि छात्रों ने 15 मई को आयोजित विरोध प्रदर्शन में ध्वनि तोप के इस्तेमाल के बारे में झूठे दावे किए। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि छात्र मिलकर "ब्रुसेल्स के जवाब" की तैयारी कर रहे थे, जिसका अर्थ है कि वे यूरोपीय संघ के साथ बातचीत को बाधित करने की कोशिश कर रहे थे। बर्नाबिक ने इस मामले में और जांच की मांग की है। छात्रों ने इन आरोपों को निराधार बताया है और कहा है कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। यह विवाद सर्बिया में राजनीतिक तनाव और विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। सरकार और छात्रों के बीच टकराव जारी रहने की संभावना है।