सर्बिया की संसद में न्यायिक कानूनों में प्रस्तावित संशोधनों पर आज तीखी बहस हुई। सत्तारूढ़ दल ने इन संशोधनों का बचाव किया, जबकि विपक्षी दलों ने इनकी कड़ी आलोचना की। यह संशोधन, जिन्हें अक्सर "मर्डीक के कानून" के रूप में जाना जाता है, न्यायपालिका में सुधार लाने के उद्देश्य से लाए गए हैं। विपक्ष का तर्क है कि ये बदलाव न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमजोर करेंगे और राजनीतिक हस्तक्षेप को बढ़ाएंगे। वहीं, सरकार का कहना है कि ये सुधार न्याय प्रणाली को अधिक कुशल और जवाबदेह बनाएंगे। बहस के दौरान, दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्कों को मजबूती से रखा, जिससे संसद में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। इस मुद्दे पर आगे भी चर्चा होने की संभावना है।