ग्रीन-लेफ्ट फ्रंट की सह-अध्यक्ष बिलाना जोरजेविच ने विपक्षी दलों द्वारा तीन मोर्चों पर चुनाव लड़ने की रणनीति पर टिप्पणी की है। उनका मानना है कि यह रणनीति सबसे मजबूत दल को समर्थन देने का एक तरीका हो सकता है, न कि उसके खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने का। जोरजेविच के अनुसार, यह कदम सबसे मजबूत दल को सहयोगियों को खोजने में मदद कर सकता है। उन्होंने इस रणनीति के पीछे के उद्देश्यों पर सवाल उठाए हैं, यह सुझाव देते हुए कि यह प्रतिस्पर्धात्मकता के बजाय समर्थन पर केंद्रित है। यह बयान सर्बिया में आगामी चुनावों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जहां विपक्षी दलों के बीच एकता की कमी देखी जा रही है। इस रणनीति से चुनाव परिणामों और राजनीतिक परिदृश्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह अभी देखना बाकी है। जोरजेविच ने इस मुद्दे पर आगे चर्चा करने की आवश्यकता पर बल दिया है।