सर्बियाई मंत्री द्वारा कोसोवो अल्बानियाई लोगों को निष्कासित करने की इच्छा व्यक्त करने से पूरे क्षेत्र और यूरोप में निंदा हुई है। मंत्री के इस बयान ने सर्बिया की सरकार की नीतियों और यूरोपीय महत्वाकांक्षाओं की परीक्षा पैदा कर दी है। यह बयान स्लोबोदान मिलोसेविच के शासनकाल के दौरान किए गए जातीय सफाई के कार्यों का समर्थन करने जैसा है। बेलग्रेड ने मंत्री को हटाने से इनकार कर दिया है, जिससे यह मामला एक व्यक्तिगत विवाद से बढ़कर सरकार की नीतिगत स्थिति बन गया है। इस घटना ने बाल्कन क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है। यह सर्बिया के यूरोपीय संघ में शामिल होने की राह में भी एक बड़ी बाधा बन सकता है। इस बयान के बाद अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया का इंतजार है।