सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक को सत्ता में आने के तुरंत बाद से ही जर्मन नागरिक जोर्ग हीस्केंस सलाह दे रहे हैं, जिसके लिए उन्हें जर्मनी से भुगतान किया जा रहा है। बीआईआरएन/डेर स्पीगेल द्वारा प्राप्त दस्तावेजों से पता चलता है कि हीस्केंस ने वुसिक के साथ एक विवादास्पद लिथियम खनन परियोजना पर कितनी गहराई से काम किया है। आलोचकों का कहना है कि यह जर्मनी की ओर से लोकतंत्र को कमजोर करने में मिलीभगत का संकेत है। यह परियोजना सर्बिया में व्यापक विरोध का सामना कर रही है। दस्तावेजों से यह भी पता चलता है कि हीस्केंस ने वुसिक की राजनीतिक रणनीति और सार्वजनिक छवि को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस सहयोग ने सर्बिया में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और पारदर्शिता को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। यह मामला जर्मनी और सर्बिया के बीच संबंधों पर भी सवाल खड़े करता है।
