सप्ताहांत में, सत्ताधारी दल और उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी छात्रों, दोनों ने रैलियां आयोजित कीं। राजनीतिक विश्लेषक बोबन स्टोजानोविक के अनुसार, इन रैलियों का मुख्य निष्कर्ष यह है कि वूचिच अभी भी चुनाव में भाग लेने से बच रहे हैं। सत्ताधारी दल की रैली और छात्रों के विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। स्टोजानोविक ने N1 को बताया कि वूचिच की चुनाव में भागीदारी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। छात्रों का विरोध प्रदर्शन सरकार की नीतियों के खिलाफ था। यह देखना बाकी है कि वूचिच अंततः चुनाव लड़ने का फैसला करते हैं या नहीं, लेकिन वर्तमान स्थिति से संकेत मिलता है कि वे हिचकिचा रहे हैं। यह राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है।