सर्बियाई सेंटर फॉर रिसर्च, ट्रांसपेरेंसी एंड अकाउंटेबिलिटी (CRTA) के प्रोग्राम डायरेक्टर राशा नेडेलकोव ने 15 मार्च को कथित ‘ध्वनि बूम’ के बारे में एक सिद्धांत को खारिज कर दिया है। उन्होंने इस सिद्धांत को उत्तर कोरियाई प्रचार शैली से प्रेरित बताया है, और कहा है कि केवल वही लोग इस पर विश्वास कर सकते हैं जिनके दिमाग पर प्रचार का प्रभाव है। नेडेलकोव ने इस दावे की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया है कि यह ध्वनि किसी प्रकार के सैन्य अभ्यास या प्रदर्शन का हिस्सा थी। उनका मानना है कि यह दावा निराधार है और जनता को भ्रमित करने के लिए फैलाया गया है। उन्होंने इस मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है। नेडेलकोव का बयान सर्बिया में हाल ही में हुई इस घटना को लेकर चल रही बहस के बीच आया है, जहां कुछ लोगों ने इसे किसी खतरे का संकेत माना था।