सर्बिया में आगामी चुनावों से पहले, सीआरटीए (CRTA) नामक एक निगरानी समूह ने मतदाताओं के अधिकारों पर खतरे की चेतावनी जारी की है। रिपोर्ट में सत्तारूढ़ दल के समर्थकों द्वारा 'चुनावी हेरफेर' के लगातार प्रयासों पर प्रकाश डाला गया है। इन प्रयासों में मीडिया कवरेज में असमानता, मतदाताओं को डराना-धमकाना, स्वतंत्र चुनाव पर्यवेक्षकों के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया और राजनीतिक समर्थन के बदले में पैसे की पेशकश शामिल हैं। सीआरटीए का कहना है कि ये गतिविधियां चुनावों की निष्पक्षता और पारदर्शिता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती हैं। रिपोर्ट में विशेष रूप से चिंता व्यक्त की गई है कि ये प्रथाएं सर्बिया के चुनावी माहौल को दूषित कर रही हैं। निगरानी समूह ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई का आह्वान किया है। इन सभी गतिविधियों पर सीआरटीए कड़ी निगरानी रख रहा है और जनता को जागरूक करने का प्रयास कर रहा है।