सर्बिया के चौदह गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) ने बेलग्रेड में पिछले वर्ष हुए एक विरोध प्रदर्शन को तितर-बितर करने के लिए कथित तौर पर ‘ध्वनि हथियार’ के इस्तेमाल की जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। एनजीओ का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को असहनीय ध्वनि से निशाना बनाया गया, जिससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ा। उन्होंने सर्बियाई सरकार से संयुक्त राष्ट्र को एक तथ्य-खोज मिशन स्थापित करने के लिए औपचारिक अनुरोध करने का आह्वान किया है। उनका तर्क है कि इस मामले की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच आवश्यक है। एनजीओ ने इस घटना को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया है और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस घटना ने सर्बिया में पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों को लेकर बहस छेड़ दी है।