अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा (CBP) द्वारा ज़िजिन कंपनी के तांबे के खेपों को रोके जाने के फैसले के बाद, सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वूचिच ने कहा है कि सरकार ज़िजिन को सहायता प्रदान करेगी। वूचिच ने इस फैसले को सर्बिया के लिए एक गंभीर चुनौती बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार ज़िजिन के साथ मिलकर काम करेगी ताकि इस समस्या का समाधान निकाला जा सके और कंपनी के संचालन को सुचारू रखा जा सके। यह फैसला ज़िजिन द्वारा उत्पादित तांबे में कथित तौर पर जबरन श्रम के इस्तेमाल से संबंधित चिंताओं के कारण लिया गया है। वूचिच ने जोर देकर कहा कि सर्बिया कानून का पालन करने वाला देश है और वह किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों का समर्थन नहीं करता है। सरकार इस मामले में अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है। इस घटना से सर्बिया और अमेरिका के बीच आर्थिक संबंधों पर असर पड़ सकता है।
