सर्बिया और हंगरी के बीच ऊर्जा सहयोग पर लंबे समय से चल रही बातचीत आखिरकार समाप्त हो गई है। संबंधित मंत्री के अनुसार, एक शेयरधारक समझौता संपन्न हुआ है, जिसमें तेल कंपनी NIS में हिस्सेदारी हासिल करने की बात शामिल है। हालांकि, इस समझौते को प्रभावी होने के लिए रूस की मंजूरी और अमेरिकी वित्त मंत्रालय (OFAC) से अनुमोदन की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता फिलहाल महत्वहीन है क्योंकि ये महत्वपूर्ण अनुमोदन लंबित हैं। यह कदम सर्बिया को ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने और हंगरी के साथ अपने आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया है। समझौते की शर्तों का विवरण अभी तक पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन इसमें NIS में MOL की हिस्सेदारी शामिल होने की संभावना है। इस समझौते का भविष्य रूस और अमेरिका के राजनीतिक फैसलों पर निर्भर करता है।