पूर्व राजनयिक फ्रांतिšek लिप्का ने सर्बिया और रूस द्वारा मोंटेनेग्रो के खिलाफ छेड़े जा रहे 'हाइब्रिड युद्ध' की आशंका जताई है। उनका कहना है कि 'सर्बियाई दुनिया' की अवधारणा रूसी राष्ट्रपति पुतिन की 'रूसी दुनिया' की अवधारणा के समान है, जो क्षेत्रीय अस्थिरता पैदा कर सकती है। लिप्का, जो पूर्व यूगोस्लाविया के विशेषज्ञ हैं, ने 2006 में मोंटेनेग्रो की स्वतंत्रता पर हुए जनमत संग्रह के आयोजन आयोग का नेतृत्व किया था। उस समय मोंटेनेग्रो में गृहयुद्ध का खतरा मंडरा रहा था, जैसा कि पहले क्रोएशिया और बोस्निया और हर्जेगोविना में हुआ था। लिप्का ने सर्बिया और रूस के बीच बढ़ते सहयोग को मोंटेनेग्रो की संप्रभुता के लिए एक चुनौती बताया है। उन्होंने इस स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सतर्कता बरतने का आह्वान किया है। उनका अनुभव बाल्कन क्षेत्र की जटिल राजनीतिक गतिशीलता को समझने में महत्वपूर्ण है।
