서울 शहर ने जीटीएक्स-ए रेल लाइन में कथित तौर पर स्टील बार की कमी से संबंधित एमबीसी की रिपोर्टिंग को गलत और अतिरंजित बताते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की है। शहर का दावा है कि एमबीसी की रिपोर्टिंग से शहर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है और इसके लिए 30 करोड़ वोन (लगभग 23 करोड़ रुपये) का मुआवजा मांगा गया है। 서울 शहर ने एमबीसी से रिपोर्ट को सुधारने और मुआवजे का भुगतान करने का अनुरोध किया है। एमबीसी ने अभी तक इस दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह मामला जीटीएक्स-ए परियोजना की सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर चल रही बहस के बीच सामने आया है। शहर का कहना है कि उसने सुरक्षा मानकों का पालन किया है और एमबीसी की रिपोर्टिंग ने जनता में अनावश्यक भय पैदा किया है। इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही की उम्मीद है।
