प्रोफेसर मेइसा डियाखाते ने सेनेगल में प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन संख्या 17/2026 का आलोचनात्मक विश्लेषण किया है। उन्होंने इस प्रस्ताव की लेखन शैली और इसकी संरचना में गंभीर कमियों को रेखांकित किया है। डियाखाते के अनुसार, यह संशोधन तकनीकी रूप से अपर्याप्त है और इसमें कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी की गई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि वर्तमान सुधार प्रक्रिया में बुनियादी सवालों को नजरअंदाज किया गया है। इस विश्लेषण के माध्यम से उन्होंने सुधारों पर गहन पुनर्विचार करने की आवश्यकता जताई है। यह रिपोर्ट मुख्य रूप से संशोधन की तकनीकी खामियों और संरचनात्मक कमजोरियों पर केंद्रित है। यह विश्लेषण सेनेन्यूज प्रीमियम के माध्यम से साझा किया गया है।
