ए.पी.आर. (Alliance pour la République) ने नेशनल असेंबली में जारी संसदीय जांच आयोगों पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है। पार्टी का कहना है कि पेस्टेफ़ (Pastef) द्वारा एक “मीडिया सर्कस” आयोजित किया जा रहा है, जिससे सच्चाई की खोज बाधित हो रही है। यह प्रतिक्रिया नेशनल असेंबली में एक सप्ताह तक चली गहन सुनवाइयों के बाद आई है। राज्य की निर्मित विरासत पर जांच आयोग के समक्ष कई गवाहों ने पूर्व शासन के प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। सोगेपा (Sogepa) के पूर्व महानिदेशक याया अब्दुएल काने ने आरोप लगाया कि पूर्व अभियोजक सेरिग्ने बासिरोउ गुये (Serigne Bassirou Guèye) को पॉइंट ई (Point E) में दो विला आवंटित करने का निर्णय मैकी साल (Macky Sall) के निर्देश पर लिया गया था। ए.पी.आर. पार्टी नेशनल असेंबली में चल रहे तमाशे से “गुस्से” में है, जिसे वह “बदस्वादपूर्ण मज़ाक” कहती है। पार्टी का मानना है कि सुनवाइयों का यह “नाटकीयकरण” एक गंभीर संस्थागत प्रक्रिया को एक मीडिया सर्कस में बदल रहा है।

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