सेनेगल के प्रधानमंत्री उस्मान सोनको ने आगामी सेनेगल-फ्रांस फुटबॉल मैच पर टिप्पणी करते हुए कहा कि विजेता कोई भी हो, अफ्रीका ही अफ्रीका को हराएगा। उनके इस बयान को फ्रांसीसी मीडिया में विवादित कर दिया गया है। कुछ फ्रांसीसी चैनलों, जैसे कि CNews और LCI ने इस बयान को विभाजनकारी बताकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। LCI की पत्रकार रूथ एल्क्रिएफ ने विशेष रूप से इस बयान की आलोचना की, जिससे पहले से ही ध्रुवीकृत बहस और तेज हो गई। आलोचकों का कहना है कि सोनको के बयान को संदर्भ से बाहर निकालकर गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उनका मूल आशय खेल में अफ्रीकी खिलाड़ियों के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करना था, न कि फ्रांसीसी खिलाड़ियों की राष्ट्रीय पहचान पर सवाल उठाना। यह विवाद इस सवाल को भी जन्म देता है कि अफ्रीकी महाद्वीप से आने वाले खेल संबंधी विचारों को लेकर फ्रांस में क्यों इतनी संवेदनशीलता दिखाई जाती है।
