सेनेगल के नेशनल असेंबली के अध्यक्ष उस्मान सोनको ने समलैंगिकता से जुड़े कानूनों पर अंतर्राष्ट्रीय आलोचनाओं का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सेनेगल में समलैंगिकों के खिलाफ कोई "शिकार" नहीं चल रहा है, बल्कि देश की संप्रभु विधायी शक्ति के आधार पर कानून लागू किए जा रहे हैं। सोनको ने जोर देकर कहा कि सेनेगल का मौजूदा कानून 30 साल से अधिक पुराना है और यह राष्ट्रपति लेओपोल्ड सेदार सेनघोर के समय से ही मौजूद है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल के कानून में बदलाव से पहले भी, स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं, विशेष रूप से एचआईवी के प्रसार को लेकर न्यायिक हस्तक्षेप हुए थे। सोनको ने राष्ट्रीय संप्रभुता के सिद्धांत पर जोर देते हुए किसी भी बाहरी दबाव को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सेनेगल को अपने कानूनों के लिए किसी के सामने जवाबदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस कानून को वापस लेने की किसी भी संभावना को खारिज करते हुए कहा कि इसे और मजबूत किया जा सकता है, लेकिन वापस नहीं लिया जाएगा।