सेनेगल में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है, क्योंकि राष्ट्रपति पद के लिए संभावित उम्मीदवार सोन्को और वर्तमान राष्ट्रपति डायोमये के बीच संवैधानिक संशोधन को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। सांसद अमादू बा द्वारा प्रस्तावित संशोधन संविधान के अनुच्छेद 37 में बदलाव करके राष्ट्रपति को अपनी संपत्ति घोषित करने के लिए बाध्य करेगा। यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है, लेकिन विपक्षी नेता सोन्को ने इसकी आलोचना की है। सोन्को का मानना है कि यह संशोधन राजनीतिक रूप से प्रेरित है और उनका विरोध करने का एक प्रयास है। इस मुद्दे ने राजनीतिक गलियारों में एक नया विभाजन पैदा कर दिया है और देश में चुनावी माहौल को और जटिल बना दिया है। यह घटनाक्रम सेनेगल की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुँच गया है।