पोलैंड के एक सेनेटर, स्टानिस्लाव कार्जेव्स्की पर 2009 से 2015 के बीच अस्पताल में ड्यूटी के लिए 400,000 से अधिक ज़्लॉटी प्राप्त करने का आरोप लगा है, जबकि वे उसी समय सेनेटर के रूप में कार्य करने के लिए अवैतनिक छुट्टी पर थे। यह मामला तब प्रकाश में आया जब उन्होंने दक्षिणी अस्पताल के एक युवा डॉक्टर से जुड़े मुद्दे पर टिप्पणी की और विपक्ष को दोषी ठहराया। आलोचकों का कहना है कि यह दोहरा मापदंड दर्शाता है, क्योंकि वे एक ही मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कार्जेव्स्की ने इस आरोप पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया है कि इसमें गलत क्या है। यह घटना पोलैंड में सार्वजनिक नैतिकता और जवाबदेही पर बहस को जन्म दे रही है। इस मामले ने सत्तारूढ़ पार्टी PiS के भीतर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आगे की जांच से इस मामले में अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है।
