अमेरिकी सीनेट में ईरान के साथ संभावित संघर्ष को लेकर एक महत्वपूर्ण मतदान हुआ, जिसमें डेमोक्रेट्स द्वारा युद्ध शक्तियों को सीमित करने का प्रयास विफल रहा। सीनेट ने 48-47 के अंतर से इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया, जो ईरान के साथ किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए कांग्रेस की मंजूरी की मांग करता था। यह प्रस्ताव फरवरी से नौवां ऐसा प्रयास था जब से इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले शुरू किए थे। व्हाइट हाउस और तेहरान के बीच संघर्ष विराम और वार्ता के लिए एक समझौते की घोषणा के बावजूद, सीनेट में गतिरोध कायम रहा। डेमोक्रेट्स का तर्क था कि कांग्रेस को युद्ध संबंधी निर्णयों में शामिल किया जाना चाहिए। इस अस्वीकृति से ईरान के साथ तनाव जारी रहने की आशंका बढ़ गई है। यह घटनाक्रम अमेरिकी विदेश नीति और कांग्रेस की भूमिका पर महत्वपूर्ण सवाल उठाता है।