यूरोप कई देशों में भीषण गर्मी की चपेट में है। फ्रांस में 1947 के बाद सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया, जहाँ तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया। ब्रिटेन, इटली, बेल्जियम, जर्मनी और स्विट्जरलैंड ने उच्चतम अलर्ट जारी किए हैं और परिचालन प्रतिबंध लगाए हैं। यह गर्मी की लहर पूरे महाद्वीप में व्यापक व्यवधान पैदा कर रही है। अधिकारियों ने नागरिकों को सावधानी बरतने और गर्मी से संबंधित बीमारियों से बचने के लिए सलाह दी है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति जलवायु परिवर्तन का परिणाम है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की आवृत्ति बढ़ने की संभावना है। गर्मी के कारण जंगल में आग लगने का खतरा भी बढ़ गया है।
