यूरोप इस समय अभूतपूर्व गर्मी की चपेट में है, जहाँ तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर दर्ज किया गया है। यह गर्मी केवल तापमान पर ही निर्भर नहीं है, बल्कि हवा में नमी, हवा की गति और धूप भी असहनीयता को बढ़ा रही हैं। इस भीषण गर्मी के बीच, स्कैंडिनेवियाई देश ही एकमात्र ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ अपेक्षाकृत ठंडी स्थिति बनी हुई है। आने वाले दिनों में, ये देश यूरोप में ठंडक का एकमात्र केंद्र बने रहने की संभावना है। विशेषज्ञ इस गर्मी को जलवायु परिवर्तन का परिणाम बता रहे हैं और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। गर्मी के कारण स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ गए हैं, इसलिए हाइड्रेटेड रहना और सीधी धूप से बचना महत्वपूर्ण है।