विज्ञान, प्रौद्योगिकी, सूचना और संचार मंत्रालय ने एक ऐसे प्रोफेसर को सरकारी सम्मान देने का निर्णय रद्द कर दिया है, जिन पर पूर्व छात्रों के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था और जिन्होंने इसके बाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पद से इस्तीफा दे दिया था। यह निर्णय विवादों के बढ़ने के बाद लिया गया है। मंत्रालय ने बताया कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सम्मान प्रदान करना उचित नहीं समझा गया। इस मामले में पहले ही कई लोगों ने आपत्ति जताई थी और सम्मान वापस लेने की मांग की थी। मंत्रालय ने इस मामले की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया। यह घटना शिक्षा क्षेत्र में यौन उत्पीड़न के मुद्दों पर प्रकाश डालती है और सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती है। मंत्रालय ने भविष्य में ऐसे मामलों में अधिक सावधानी बरतने का आश्वासन दिया है।
