आस्ट्रेलियाई फुटबॉल टीम के पूर्व गोलकीपर मार्क श्वार्जर ने टोनी पोपोविक के पेनल्टी शूटआउट से पहले गोलकीपर बदलने के फैसले पर अपनी असहमति व्यक्त की है। श्वार्जर का मानना है कि यह बदलाव सफल भले ही हो गया हो, फिर भी अनावश्यक था और टीम के साथ छेड़छाड़ करना था। उन्होंने कहा कि पेनल्टी शूटआउट के लिए एक अनुभवी और भरोसेमंद गोलकीपर को मैदान में रखना अधिक उचित होता। पोपोविक के इस फैसले ने कई लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया, क्योंकि इससे टीम की स्थिरता पर सवाल उठते हैं। श्वार्जर ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें यह निर्णय पसंद नहीं आया, भले ही टीम ने अंततः जीत हासिल की हो। उनका मानना है कि कोच को टीम में अनावश्यक बदलाव करने से बचना चाहिए। इस आलोचना से पोपोविक की रणनीति पर बहस छिड़ सकती है।