जर्मनी के पूर्व चांसलर गेरहार्ड श्रोडर ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से उनकी जन्मदिन पर मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात के बाद जर्मन मीडिया ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और श्रोडर को “उपयोगी मूर्ख” कहकर आलोचना की है। मीडिया का कहना है कि श्रोडर ने “शिष्टाचार की अंतिम सीमा” को पार कर दिया है। यह मुलाक़ात रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के बीच हुई है, जिससे जर्मनी में और भी अधिक आक्रोश है। कई लोगों का मानना है कि यह मुलाक़ात रूस को समर्थन देने जैसा है। इस घटना से जर्मनी में राजनीतिक बहस तेज हो गई है और श्रोडर के कार्यों की निंदा की जा रही है। यह मुलाक़ात रूस-यूक्रेन संघर्ष के संदर्भ में जर्मनी के दृष्टिकोण पर सवाल उठाती है।

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