नॉर्वे के शिक्षा मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से नई नियमावली की घोषणा की है। अब स्कूलों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे हिंसा का इतिहास रखने वाले छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी साझा करें जब वे स्कूल बदलें। पहले ऐसी जानकारी साझा करने के लिए छात्र या उनके अभिभावकों की सहमति आवश्यक होती थी, लेकिन अब इसे एक कानूनी कर्तव्य बना दिया गया है। यह निर्णय पिछले कुछ वर्षों में बच्चों और किशोरों के बीच बढ़ते गंभीर अपराधों को देखते हुए लिया गया है। विशेष रूप से 15 वर्ष से कम उम्र के युवाओं में अपराध की दरों में वृद्धि देखी गई है। इसके साथ ही, पिछले दस वर्षों में स्कूलों में हिंसा या धमकियों का शिकार होने वाले कर्मचारियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। मंत्रालय का उद्देश्य इन उपायों के माध्यम से शैक्षणिक वातावरण को अधिक सुरक्षित बनाना है।
