देश भर में लाखों बच्चे ऐसी इमारतों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं जहाँ बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था भी मौजूद नहीं है। कई स्कूलों में टूटी हुई या बिल्कुल भी बाड़ नहीं है, पर्याप्त रोशनी का अभाव है, और सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं हैं। आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है। यह स्थिति छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। 'सेफ स्कूल्स इनिशिएटिव' के बावजूद, जमीनी हकीकत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। इस पहल के प्रभावी कार्यान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि कई स्कूल अभी भी असुरक्षित हैं। अधिकारियों को इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने और स्कूलों में सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।