वर्ष की शुरुआत से अब तक स्कूलों में आक्रामकता से जुड़े लगभग एक हजार मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से एक तिहाई मामलों में आपराधिक कृत्य शामिल हैं, जिनमें सबसे आम है खतरनाक धमकियाँ देना। चिंताजनक रूप से, ये घटनाएं मुख्य रूप से प्राथमिक विद्यालयों में हो रही हैं, जहाँ माध्यमिक विद्यालयों की तुलना में पाँच गुना अधिक मामले सामने आए हैं। पुलिस ने इन नए आँकड़ों को जारी करते हुए स्कूलों में बढ़ती हिंसा पर चिंता व्यक्त की है। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रवृत्ति के कारणों की जांच की जा रही है और छात्रों के बीच सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। यह आँकड़ा स्कूलों में अनुशासन और सुरक्षा उपायों की समीक्षा की आवश्यकता पर भी प्रकाश डालता है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा मंत्रालय भी हस्तक्षेप कर सकता है।
