साक्सेन-अन्हalt में आगामी चुनावों में यदि एएफडी (AfD) पार्टी सत्ता में आती है, तो यह देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक गंभीर चुनौती बन सकती है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, यदि एएफडी सत्ता हासिल करती है, तो दक्षिणपंथी चरमपंथी संवेदनशील जानकारी तक पहुँच प्राप्त कर सकते हैं। आंतरिक मंत्रियों के सम्मेलन से पहले, इस 'सबसे बुरे परिदृश्य' से निपटने के लिए विचार-विमर्श किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की स्वतंत्रता और गोपनीयता को बनाए रखने के लिए संभावित उपायों पर विचार किया जा रहा है। यह स्थिति जर्मनी की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि एएफडी की विचारधारा और नीतियों के कारण, सुरक्षा एजेंसियों के कामकाज में हस्तक्षेप की संभावना है। इस खतरे को देखते हुए, सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए तैयारियाँ कर रही है।
