सऊदी अरब अपनी रक्षा पर ८२ बिलियन डॉलर से ज़्यादा खर्च करता है, फिर भी हौथी ड्रोन और मिसाइलें लगातार उसके तेल भंडारों और हवाई अड्डों को खतरे में डाल रही हैं। यमन में हौथी विद्रोहियों द्वारा संचालित ये हथियार सऊदी अरब की उन्नत रक्षा प्रणालियों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहे हैं। इन हथियारों की कम लागत और व्यापक उपलब्धता के कारण इन्हें रोकना मुश्किल हो रहा है। हौथी लगातार सऊदी अरब के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले कर रहे हैं, जिससे देश की सुरक्षा को खतरा है। यह स्थिति सऊदी अरब के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि वे अपनी सुरक्षा के लिए भारी निवेश कर रहे हैं, लेकिन फिर भी खतरे मौजूद हैं। इस मुद्दे पर RT.com पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। यह दर्शाता है कि आधुनिक युद्ध में तकनीक और रणनीति का महत्व बढ़ गया है।